आज के मुख्य समाचार 16 सितम्बर 2015 "मुन्नी क्यूँ बदनाम हुई"
मुन्नी बदनाम हुई आज कल मुन्नी बदनाम हो रही है बदनामी का भी अपना मज़ा है. बदनाम होने के लिए भी काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है.यु ही बदनाम होना हर किसी की किस्मत मे नही होता. नसीब वेल होते है वो जो बदनाम हो सके है थोड़े से भी ..क्योंकि बदनामी मे भी उतना ही नाम होता है जितना नाम वालो का होता है . अगर आपके हाथो मे कुछ विशेष प्रकार की रेखाए पसरी हुई है ,अगर आपने कुछ अव्वल दर्जे के हहूदे काम किया है तो बदनामी की शुरुआत हो सकतीहै. अगर शहर की राते ,सुनसान सड़के आपको जानती है.तो आप बदनामी की सस्ती वाली कुलफी खा सकते है .महनगी वाली कुलफी के लिए कर्म करो. ... फिर एक अदद डार्लिंग चाहिए जिसके लिए मुन्नी बदनाम होगी .मुन्नी का अपना लेवल है वो सिर्फ़ उँचे लोगो के लिए बदनाम होती है.जहा गारंटी है की बदनामी तो पक्की होगी आपके ओर मेरे जेसे लोगो के बस की बात नही मुन्नी को बदनाम करना . वेसे तो मुन्नी को साजन भी मिल सकता था कोई राँझा भी मुन्नी को बदनाम कर सकता है.वो दम हिंदी में कहा .? इंग्लिश की गली में वेसे भी हिंदी ने खुद को अल्पसंख्यक ही समझा है. थोड़ी से हिंदी ...