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Showing posts from 2010

Meri kismat

आज बैंक की पास बुक उठा के देखी !! बाज़ार भी छान मारा तहखाने में भी खोजबीन जारी है .. कुछ कहते है वो सितारों में मिलती है मेरी किस्मत भी न्यारी है कल रात बहुत ढूंढा वो सितारा कल रात आसमान में बदल बहुत थे मेने सितारों को एक टक देखता हूँ इसी बहाने सर उठा के जीता हूँ निखिल im.nikhhil@gmail.com 09648936083

phool jo tumne diye

वो फूल जो तुमने दिए थे किसी किताब में कही , अभी भी रखे होंगे.. वो जेसे पुरानी कोई कहानी आज भी ताज़ा है हमारे ज़ेहन में में अब उस किताब को नहीं खोलता हु डरता हूँ , काँपता हूँ तुम्हारी हैण्ड राइटिंग में लिखा तुम्हारा पहला लव लैटर तुम्हारे लिखे शब्द जेसे तुम्हारा ही चेहरा बनाते है में हर शब्द में तुम्हारी मासूमियत धुन्धता हूँ ! आज बहुत दिनों बाद यहाँ बारिश हुई ; फिर कोई बदल आज रोया होगा , तुम्हे याद करके वो आंसू गिरे होंगे उसी पोधे पे...जो फूल तुमने मुझे दिए थे निखिल im.nikhhil@gmail.com 09648936083

तू ही तू साथ है ...तेरी ही तो बात है

भोर की पहली किरण से ,शाम डूबने तक तू ही तू साथ है ...तेरी ही तो बात है हर शब्द तुम्ही से अर्थ रखे .. तुम बिन दुनिया सब व्यर्थ लगे ,... तेरा ही तो दिन चढ़े ,जो उतारे तेरी रात है तू ही तू साथ है ...तेरी ही तो बात है तुझ संग मरना आसानी है .तुम बिन जीना बेमानी है ये बात न दुनिया समझेगी ..ये सब उसकी नादानी है क़त्ल हुए , ये चूर हो गए ...कितने ही जज़्बात है तू ही तू साथ है ...तेरी ही तो बात है निखिल im.nikhhil@gmail.com

Meri ghazal

ताकता रहा में रातभर इस प्यार की निशानियाँ गड़ता रहा में रात दिन झूठी मुठी कहानियां जिद पे अड़ी है आज तो की रख करना है तुझे केसे संभालूँगा इन्हें ये आग सी जवानियाँ है दर्द कितना प्यार में क्यों कर तुझे कहना लगा रब न मिले तो न सही,रब यार है ओ जनियाँ निखिल

jal hai to kal hai(comedy)

मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है / जल है तो सब राजा है ,जल है तो रानी है /दीवारों पे ,तख्तियो पे होर्डिंग्स पे लिखा होता है :- जल बिन सब सून .मेने इसके आगे एक लाइन जोड़ दी...की जल बिन सब सून ...क्या धरती क्या मून ? !! चाँद पे,मंगल पे ज़िन्दगी ढूंढने के लिए भी पहले पानी ढूंढा जा रहा है की भाई वह पानी मिले तो प्लाट काटने का टेंडर निकले !!पानी मिले तो धरती से बिल्डर को भेज चाँद पे मल्टीप्लेक्स बनवाए !! एक बार पानी मिल जाये चाँद पे ,मल्टीप्लेक्स तो हम बनवा देंगे पानी इतना जरुरी है....कहते है तीसरा विश्वयुद्ध हुआ तो पानी के लिए होगा..पर बेंगलुरु की एक अम्मा जी ने पिछले ७८ सालो से पानी नहीं पिया..लो जी तीसरे विश्वयुद्ध की सम्भंवाना जड़ से ही ख़त्म कर दी!! कोई बात नहीं अब कोई और कारन ढूंढ़ लेंगे ..तीसरा विश्वयुद्ध के लिए एक कारण ही तो चाहिए,मिल जायेगा!! कोनसा रामगोपाल वर्मा की फिल्मो के लिए दर्शक चाहिए, जो पाताल में ढूढने पे नहीं मिलेंगे!! मैं बार बार अपने विषय से हट जा रहा हूँ ! अब ९२ साल की अम्मा हो ,७८ सालो से पानी नहीं पिया ,,ये विषय होगा तो हटना बनता है!! मल्लिका शेरावत ७८ घंट...

Bachat

बचत रति ने अपना MBA पूरा करके जॉब करना शुरू कर दिया था.पुन से MBA फिर दिल्ली की MNC में जॉब इन सब बातो ने कँवलजीत का चैन ले लिया था! इतनी हाई प्रोफाइल लड़की के लिए लड़का मुश्किल तो नहीं होगा न ? पर ये कंवलजीत कोन है ? ये रति के डैड जी है और गवर्मेंट ऑफिस में है! आज कल लडको को TV के रिअलिटी शो में मटकाने का बड़ा शौक होता है! कोई सोफ्टवेअर इंजिनियर मिल जाये तो रति खुश रहेगी!! क्या सोफ्टवेअर इंजिनियर ने खुश रखने की डिग्री ली है या क्या सोफ्टवेअर इंजीनियरिंग की? अभी तक रति से किसी ने नहीं पूछा था माँ बाप की तरफ से हिन्दुस्तान में दिए जाने वाला सब से बड़ा सरप्राइज होता है.! हर लड़की को इसके लिए तयार रहना चाहिए! खेर !! बहुत ढूंढने के बाद उनके ऑफिस के दुसरे डिपार्टमेंट में काम करने वाले दलजीत मिले जिनका बेटा अपनी ५ स्टार होटल चलता था !कुंडली के साथ फोटोस का भी इमैलिकरण हुआ !! ये लाइन पद के थोडा सा मुह ताज्जुब से और खोल लीजिये की लड़का लड़की दोनों अभी कहानी से अनजान है! जिस तरह डेविड धवन के दर्शक उसकी फिल्म की कहानी से होते है ..!! कंवलजीत ने अपनी वाइफ  के साथ गहन विचार विमर्श करके दलजीत को ऑफिस ...

Munni badnaam hui..

मुन्नी बदनाम हुई आज कल मुन्नी बदनाम हो रही है बदनामी का भी अपना मज़ा है. बदनाम होने के लिए भी काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है.यु ही बदनाम होना हर किसी की किस्मत मे नही होता. नसीब वेल होते है वो जो बदनाम हो सके है थोड़े से भी ..क्योंकि बदनामी मे भी उतना ही नाम होता है जितना नाम वालो का होता है . अगर आपके हाथो मे कुछ विशेष प्रकार की रेखाए पसरी हुई है ,अगर आपने कुछ अव्वल दर्जे के हहूदे काम किया है तो बदनामी की शुरुआत हो सकतीहै. अगर शहर की राते ,सुनसान सड़के आपको जानती है.तो आप बदनामी की सस्ती वाली कुलफी खा सकते है .महनगी वाली कुलफी के लिए कर्म करो. ... फिर एक अदद डार्लिंग चाहिए जिसके लिए मुन्नी बदनाम होगी .मुन्नी का अपना लेवल है वो सिर्फ़ उँचे लोगो के लिए बदनाम होती है.जहा गारंटी है की बदनामी तो पक्की होगी आपके ओर मेरे जेसे लोगो के बस की बात नही मुन्नी को बदनाम करना . वेसे तो मुन्नी को साजन भी मिल सकता था कोई राँझा भी मुन्नी को बदनाम कर सकता है.वो दम हिंदी में कहा .? इंग्लिश की गली में वेसे भी हिंदी ने खुद को अल्पसंख्यक ही समझा है. थोड़ी से हिंदी बोलने पे आज का कोलेज जाने वाला यूथ सॉर...