Munni badnaam hui..
मुन्नी बदनाम हुई
आज कल मुन्नी बदनाम हो रही है बदनामी का भी अपना मज़ा है. बदनाम होने के लिए भी काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है.यु ही बदनाम होना हर किसी की किस्मत मे नही होता. नसीब वेल होते है वो जो बदनाम हो सके है थोड़े से भी ..क्योंकि बदनामी मे भी उतना ही नाम होता है जितना नाम वालो का होता है .
अगर आपके हाथो मे कुछ विशेष प्रकार की रेखाए पसरी हुई है ,अगर आपने कुछ अव्वल दर्जे के हहूदे काम किया है तो बदनामी की शुरुआत हो सकतीहै. अगर शहर की राते ,सुनसान सड़के आपको जानती है.तो आप बदनामी की सस्ती वाली कुलफी खा सकते है .महनगी वाली कुलफी के लिए कर्म करो.
...
फिर एक अदद डार्लिंग चाहिए जिसके लिए मुन्नी बदनाम होगी .मुन्नी का अपना लेवल है वो सिर्फ़ उँचे लोगो के लिए बदनाम होती है.जहा गारंटी है की बदनामी तो पक्की होगी आपके ओर मेरे जेसे लोगो के बस की बात नही मुन्नी को बदनाम करना . वेसे तो मुन्नी को साजन भी मिल सकता था कोई राँझा भी मुन्नी को बदनाम कर सकता है.वो दम हिंदी में कहा .? इंग्लिश की गली में वेसे भी हिंदी ने खुद को अल्पसंख्यक ही समझा है.
थोड़ी से हिंदी बोलने पे आज का कोलेज जाने वाला यूथ सॉरी बोलके फिर से बोलने के लिए आग्रह करता है की शायद हिंदी का कोई एक वर्ड समझ में आ जाये..हिंदी भी शायद मिलावटी दूध पीती होगी.जो इसमें बदनाम करने का दम नहीं है..कल शाम में और हिंदी चाय पे बेठे थे..हिंदी ने दो घूंट पिने के बाद कहा सोचती हु मेरे बच्चो को किसी इंग्लिश कॉन्वेंट स्कूल में एडमिसन दिलवा दु...भविष्य अच्छा रहेगा ..
जब मुन्नी को उसका मनचाहा डार्लिंग मिल जाता है तो वो उसके लिए झंडू बाम भी हो सकती है ..मुन्नी का झंडू बाम होना जरुरी है..एक दर्द निवारक दावा...अगर कॉमन वेअल्थ गेम्स में घोटाला हो तो हमारे दर्द पे ये मुन्नी नमक बाम लगा सके ..कोई भारत बंद पे बस जला दे तो मुन्नी हमारा दर्द मिटा सके.अरबो रुपए का टैक्स देने के बाद भी टूटी सडको पे चल के जो कमर दर्द मिला है उसपे सिर्फ एक ही बाम असरदार है मुन्नी बाम ..
इस देश में मुन्नी का झंडू बाम होना जरुरी है.....मुन्नी तुम्हे बदनाम होने पे बधाई !!!
RJ Nikhil
आज कल मुन्नी बदनाम हो रही है बदनामी का भी अपना मज़ा है. बदनाम होने के लिए भी काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है.यु ही बदनाम होना हर किसी की किस्मत मे नही होता. नसीब वेल होते है वो जो बदनाम हो सके है थोड़े से भी ..क्योंकि बदनामी मे भी उतना ही नाम होता है जितना नाम वालो का होता है .
अगर आपके हाथो मे कुछ विशेष प्रकार की रेखाए पसरी हुई है ,अगर आपने कुछ अव्वल दर्जे के हहूदे काम किया है तो बदनामी की शुरुआत हो सकतीहै. अगर शहर की राते ,सुनसान सड़के आपको जानती है.तो आप बदनामी की सस्ती वाली कुलफी खा सकते है .महनगी वाली कुलफी के लिए कर्म करो.
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फिर एक अदद डार्लिंग चाहिए जिसके लिए मुन्नी बदनाम होगी .मुन्नी का अपना लेवल है वो सिर्फ़ उँचे लोगो के लिए बदनाम होती है.जहा गारंटी है की बदनामी तो पक्की होगी आपके ओर मेरे जेसे लोगो के बस की बात नही मुन्नी को बदनाम करना . वेसे तो मुन्नी को साजन भी मिल सकता था कोई राँझा भी मुन्नी को बदनाम कर सकता है.वो दम हिंदी में कहा .? इंग्लिश की गली में वेसे भी हिंदी ने खुद को अल्पसंख्यक ही समझा है.
थोड़ी से हिंदी बोलने पे आज का कोलेज जाने वाला यूथ सॉरी बोलके फिर से बोलने के लिए आग्रह करता है की शायद हिंदी का कोई एक वर्ड समझ में आ जाये..हिंदी भी शायद मिलावटी दूध पीती होगी.जो इसमें बदनाम करने का दम नहीं है..कल शाम में और हिंदी चाय पे बेठे थे..हिंदी ने दो घूंट पिने के बाद कहा सोचती हु मेरे बच्चो को किसी इंग्लिश कॉन्वेंट स्कूल में एडमिसन दिलवा दु...भविष्य अच्छा रहेगा ..
जब मुन्नी को उसका मनचाहा डार्लिंग मिल जाता है तो वो उसके लिए झंडू बाम भी हो सकती है ..मुन्नी का झंडू बाम होना जरुरी है..एक दर्द निवारक दावा...अगर कॉमन वेअल्थ गेम्स में घोटाला हो तो हमारे दर्द पे ये मुन्नी नमक बाम लगा सके ..कोई भारत बंद पे बस जला दे तो मुन्नी हमारा दर्द मिटा सके.अरबो रुपए का टैक्स देने के बाद भी टूटी सडको पे चल के जो कमर दर्द मिला है उसपे सिर्फ एक ही बाम असरदार है मुन्नी बाम ..
इस देश में मुन्नी का झंडू बाम होना जरुरी है.....मुन्नी तुम्हे बदनाम होने पे बधाई !!!
RJ Nikhil
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